इस रिपोर्ट को पढ़ें, फिर कभी नहीं पूछेंगे कि सुभाष चंद्र बोस की मौत कैसे हुई थी?

सुभाष चन्द्र बोस आजादी की लड़ाई के सबसे मुखर और ओजस्वी नाम माने जाते हैं. उन्होंने न केवल देश में रहते हुए अपने विश्वासों के आधार पर आजादी की लड़ाई में योगदान दिया बल्कि विदेशी धरती पर रहकर भी भारत मुक्ति के प्रयासों में संलग्न रहे. पर अफसोस पिछले कुछ वर्षों में उनके जीवन का […]

‘टॉप टेन यू टर्न’- इन दस मुद्दों पर मोदी सरकार ने देश को बुरी तरह गुमराह किया

अमेरिकन अख़बारों में एक बेहतरीन चलन है. वह उम्मीदवार द्वारा चुनाव से पहले किये जाने वाले दावों/वादों की कठोर समीक्षा करते हैं. कई बार अखबार वादाखिलाफी या मुद्दों पर स्टैंड में बदलाव को ले कर लम्बे समय तक अभियान चलाते हैं. अपने देश में भी ऐसा पत्रकारीय काम यदा-कदा होता रहा है. राजनीतिक वादाखिलाफी को […]

संघ और वामपंथी संगठन साथ आये, मिलकर भाजपा सरकार से भिड़ने की तैयारी

विचारधारात्मक मतभेदों को भुलाते हुये महाराष्ट्र की सभी लेबर यूनियन साथ आ गई हैं. ये महाराष्ट्र के श्रम विभाग के फैक्ट्रियों को बंद करने में आसानी के नये नियमों का विरोध कर रहे हैं. बताते चलें कि महाराष्ट्र देश का सबसे ज्यादा औद्योगिक प्रदेश है. इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के अनुसार शनिवार को नासिक […]

भारत में साढ़े दस लाख हेल्थ से जुड़े सेंटर फिर हम हेल्थ में फिसड्डी क्यों?

हमारी रोजमर्रा की बहसों में अक्सर स्वास्थ्य का मुद्दा हाशिए पर ही रहता है। फिर एक हादसा होता है और लोग राजनीति को कोसने लगते हैं कि उसने आधारभूत मुद्दों को इग्नोर किया। फिर हम स्वास्थ्य को जीडीपी में उसपर किये गये खर्चे के हिसाब से मापकर आलोचना करते हैं। मांग होती है सरकार स्वास्थ्य […]

संपादकीय: सिर्फ ये मुद्दा पकड़ लेती कांग्रेस, तो भाजपा बुरी तरह हारती

गुजरात ग से शुरू होता है, उत्तर प्रदेश में उ से. दोनों जगह के चुनाव में भी यही अंतर हुआ करता था. फिर दोनों को मिला दिया गया. गउ या गू, अपनी अपनी श्रद्धानुसार. दोनों ही जगहों पर जाति समीकरण टूटे. दोनों ही जगहों पर चुनावी नैतिकता के मायने टूटे. दीवाली-रमजान, हज-राम, यूपी का बेटा-गुजरात […]

क्या मौजूदा सरकार कंडोम विरोधी है?

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने टीवी चैनलों को एडवाइजरी जारी की है, जिसमें कंडोम के विज्ञापनों को दिन के वक्त टेलीकास्ट करने से मना किया गया है. एडवाइजरी में स्मृति ईरानी के नेतृत्व वाले सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा है कि कंडोम के विज्ञापन केवल रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ही […]

प्रधानमंत्री का ‘किसानों की दोगुनी आय’ के लिए पेश रोडमैप क्यों बिल्कुल खोखला है?

लोकतांत्रिक राजनीति कई मायनों में खास है. एक खासियत ये भी है कि काफी वक्त से दबे पर जरूरी सवालों को नागरिक समाज संघर्ष के जरिए उभार सकता है. राजनीति उन सवालों की सुनवाई करती है. और सत्ता में बैठा, वाक्पटु नेता लुभावने जुमलों के जरिए सवालों से बच निकलने की कोशिश करता है. ताकि […]