Tag: Love

By THE KATHFODWA

‘राष्ट्र’ में दलितों और स्त्रियों के लिए कोई स्थान नहीं है- नागराज मंजुले

मुझे फिल्म बनाने की जरुरत इस लिए ही महसूस हुई कि अगर ‘मैं’ अपनी कहानी नहीं कहूंगा तो कोई यह कहानी नहीं कहेगा।

By Avinash

भिखारी ठाकुर पहले एक ‘नचनिया’ फिर कवि हैं, जिससे उनके यहां स्त्री-पुरुष का भेद मिट जाता है

सुशांत कुमार शर्मा जेएनयू से हिंदी साहित्य में स्नातक करने के बाद, दिल्ली विश्वविद्यालय से एमफिल पूरी करके वर्तमान में…