रे की राय: बैंक वाले मजे में हैं और यह मजा सारी अर्थव्यवस्था टूटकर बिखर जाने तक चलता रहेगा

प्रकाश के रे वरिष्ठ पत्रकार हैं. भारत मे अंतराष्ट्रीय मसलों के चुनिंदा जानकर लोगों में से एक हैं. विश्व राजनीति के साथ-साथ मीडिया, साहित्य और सिनेमा पर भी आप गहरी समझ रखते हैं. _________________________________________________________________________ कार्ल मार्क्स का कहना था कि पैसा इतिहास की धारा तय करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है और इस पैसे […]

बेनेडिक्ट एंडरसन: जिनके विचारों ने दुनिया को देखने का नज़रिया ही बदल दिया

आखिरी बहुज्ञानी: बेनेडिक्ट एंडरसन एक विद्वान और इंसान के तौर पर (रामचंद्र गुहा ने यह लेख करीब दो साल पहले बेनेडिक्ट एंडरसन के देहांत के बाद प्रतिष्ठित अंग्रेजी रिसर्च पत्रिका इकनॉमिक एंड पॉलिटिकल वीकली के लिये लिखा था. यहां हम आपके लिए उस लेख का संक्षिप्तानुवाद पेश कर रहे हैं.) बेनेडिक्ट एंडरसन जिनकी दिसंबर, 2015 […]