फिल्म रिव्यू: ‘मुक्काबाज’ उत्तर भारतीय दर्शकों के साथ किया गया अब तक सबसे बड़ा धोखा है

मेरे गुरू जी कहते हैं कि कभी भी सिनेमा की समीक्षा उसके तकनीकी पहलुओं पर नहीं करनी चाहिये. सिनेमा एक आर्ट फॉर्म है, जिसमें प्रभावोत्पादकता होती है. फिल्म रिव्यू साधारण दर्शक के लिये लिखे जाते हैं इसलिये फिल्मों की भी साहित्य और संगीत की तरह आलोचना होनी चाहिये, उनकी प्रभावोत्पादकता के लिये. इस भूमिका की […]

‘राष्ट्र’ में दलितों और स्त्रियों के लिए कोई स्थान नहीं है- नागराज मंजुले

दिन बहुत साधारण था। हवाओं में स्वाभाविक सी ठंड थी और मन में उम्र प्रेरित हलकी सी बेचैनी लेकिन यह सूरत तब बदल गयी जब अचानक पता चला कि नागराज मंजुले आ रहे हैं और दिलो-दिमाग पर ख़ुशी और उत्साह की एक महीन सी चादर बिछ गयी। शाम के 5 बजे एक आदमी सामने था, […]

6 राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके गोविंद निहलानी को दिल्ली बेस्ड भारतीय मीडिया जानता भी नहीं है!

सबसे पहले तो प्रिय पाठकों देरी के लिये हमें क्षमा करें. 19 दिसंबर को गोविंद निहलानी का जन्मदिन होता है और यह आलेख आपको आज पढ़ने को मिल रहा है. ____________________________________________________________________________ एक इंसान के सोचने का तरीका कैसा है! यही निर्धारत करता है कि उस व्यक्ति की समझ कैसी होगी. और उसकी अपने जीवन से […]

आज रिलीज हुई थी गॉडफादर II, जिसमें पहली बार अल पचीनो और रॉबर्ट डी नीरो साथ दिखे थे

कठफोड़वा.कॉम की नई साथी मनुकृति जबलपुर में रहती हैं. ‘जाना था जापान, पहुंच गये चीन’ की तर्ज पर इंजीनियरिंग पढ़ने में ज्यादातर वक्त गुज़ारती हैं जबकि शौक है पॉलिटिकल, क्रिमिलन नॉन फिक्शन नॉवेल्स पढ़ने का. इनका दावा है कि इनके अंदर कुछ रैप्टाइल्स जैसे गुण भी हैं, जैसे घंटों सोना. सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव […]