क्या वाकई मंत्री सत्यपाल सिंह और राम माधव चर्च के षड्यंत्र का शिकार हो गये?

इस दुनिया में दो तरह के लोग पाए जाते हैं। पहले वो जो मानते हैं की ईश्वर हर चीज़ का कारण है और दुनिया उसी ने बनाई है। ये लोग ‘क्रियेशनिस्ट’ या ‘निर्माणवादी’ कहलाते हैं। दूसरे वो जो मानते हैं कि पूरा ब्रह्मांड परिवर्तनशील है। जैसा ये आज है वैसा पहले नहीं था, न आगे […]

इस रिपोर्ट को पढ़ें, फिर कभी नहीं पूछेंगे कि सुभाष चंद्र बोस की मौत कैसे हुई थी?

सुभाष चन्द्र बोस आजादी की लड़ाई के सबसे मुखर और ओजस्वी नाम माने जाते हैं. उन्होंने न केवल देश में रहते हुए अपने विश्वासों के आधार पर आजादी की लड़ाई में योगदान दिया बल्कि विदेशी धरती पर रहकर भी भारत मुक्ति के प्रयासों में संलग्न रहे. पर अफसोस पिछले कुछ वर्षों में उनके जीवन का […]

खुलासा: कैसे कांशीराम के झूठ ने मायावती को उत्तरप्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया था?

कल (15 जनवरी को) मायावती का जन्मदिन था. मायावती एक दौर में दलित राजनीति की प्रमुख आवाज रही हैं पर उन्होंने वक्त के साथ अपना आधार खोया भी है. यह लेख उनके जीवन के शुरुआती दौर से रूबरू कराने के साथ ही आपको उनके व्यक्तित्व में समय के साथ आई खामियों की ओर भी ले […]

‘टॉप टेन यू टर्न’- इन दस मुद्दों पर मोदी सरकार ने देश को बुरी तरह गुमराह किया

अमेरिकन अख़बारों में एक बेहतरीन चलन है. वह उम्मीदवार द्वारा चुनाव से पहले किये जाने वाले दावों/वादों की कठोर समीक्षा करते हैं. कई बार अखबार वादाखिलाफी या मुद्दों पर स्टैंड में बदलाव को ले कर लम्बे समय तक अभियान चलाते हैं. अपने देश में भी ऐसा पत्रकारीय काम यदा-कदा होता रहा है. राजनीतिक वादाखिलाफी को […]

दैनिक जागरण ऐसे ही पत्रकारिता करता रहा तो तीसरा विश्वयुद्ध कभी नहीं होगा

आजकल इलेक्ट्रॉनिक और वेब मीडिया की तरह प्रिंट की पत्रकारिता भी बेहद जल्दबाजी में की जा रही है. मीडिया जगत में आपाधापी का यह ऐसा दिलचस्प दौर है, जिसमे हिंदी पत्रकारिता के सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले अखबार भी शामिल हैं. दैनिक जागरण हिंदी बेल्ट का सबसे ज्यादा चर्चित अखबार है. हम आपको इसी अखबार […]

6 राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके गोविंद निहलानी को दिल्ली बेस्ड भारतीय मीडिया जानता भी नहीं है!

सबसे पहले तो प्रिय पाठकों देरी के लिये हमें क्षमा करें. 19 दिसंबर को गोविंद निहलानी का जन्मदिन होता है और यह आलेख आपको आज पढ़ने को मिल रहा है. ____________________________________________________________________________ एक इंसान के सोचने का तरीका कैसा है! यही निर्धारत करता है कि उस व्यक्ति की समझ कैसी होगी. और उसकी अपने जीवन से […]

क्या मौजूदा सरकार कंडोम विरोधी है?

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने टीवी चैनलों को एडवाइजरी जारी की है, जिसमें कंडोम के विज्ञापनों को दिन के वक्त टेलीकास्ट करने से मना किया गया है. एडवाइजरी में स्मृति ईरानी के नेतृत्व वाले सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा है कि कंडोम के विज्ञापन केवल रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ही […]

पड़ताल: क्या सोनिया गांधी रूसी खुफिया एजेंसी ‘केजीबी’ की जासूस हैं?

आजकल यूट्यूब और वाट्सएप्प पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है. इसे ‘सोनिया गांधी का काला सच’ और ‘सोनिया की डार्क मिस्ट्री’ जैसे नाम दे कर फैलाया जा रहा है. इस वीडियो में सोनिया गांधी के बारे में जो बातें कहीं गयी हैं वह दक्षिणपंथी मिजाज की न्यूज वेबसाइट ‘पोस्टकार्ड न्यूज’ ने इसी साल […]

प्रधानमंत्री का ‘किसानों की दोगुनी आय’ के लिए पेश रोडमैप क्यों बिल्कुल खोखला है?

लोकतांत्रिक राजनीति कई मायनों में खास है. एक खासियत ये भी है कि काफी वक्त से दबे पर जरूरी सवालों को नागरिक समाज संघर्ष के जरिए उभार सकता है. राजनीति उन सवालों की सुनवाई करती है. और सत्ता में बैठा, वाक्पटु नेता लुभावने जुमलों के जरिए सवालों से बच निकलने की कोशिश करता है. ताकि […]