Month: July 2020

By THE KATHFODWA

Brave New World: सोचने-समझने की आजादी के बिना सबसे संपन्न दुनिया भी एक जेल से ज्यादा कुछ नहीं

किताब ब्रेव न्यू वर्ल्ड (Brave New World) में उस दौर में हमारे आधुनिक राष्ट्र-राज्यों (Nation-States) की कल्पना की गई है, जब उनकी महत्वाकांक्षा पूरी हो चुकी है. जिस दुनिया में देशभक्तों की अपने देश को अभेद्य, सबसे ताकतवर, शक्तिशाली और स्थिर बनाने जैसी कल्पनाएं साकार हो चुकी हैं.

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HUSH: एक बेहतरीन हॉरर फिल्म है, जो डराती नहीं मजबूती देती है

दरअसल यह एक हॉरर फिल्म (Horror Film) के प्लॉट के साथ ही समाज के एक डरावने सच- पैट्रियार्की (Patriarchy) यानि पितृसत्ता का भी पोट्रेयल है. यह महिला जब तक घर में ‘अकेली’ है तभी तक सुरक्षित है. घर से जैसे ही वह बाहर कदम रखती है अनंत असुरक्षाओं से घिर जाती है.

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क्यों फिल्म ‘बुलबुल’ तर्क से परे जाकर जरूर देखे जाने के लिए बनी है?

एक किंवदंती पर बनी फिल्म है, नेटफ्लिक्स (Netflix) रिलीज बुलबुल (Bulbbul). इसमें चुड़ैल/ देवी है. लेकिन वह गोली से मर सकती है. वह आग में जल सकती है. ऐसे में फिल्म में आप बंगाली परिवेश की ऑथेंटिसिटी खोजने में फिल्म के केंद्रीय तत्व से भटक जायेंगे. आप सवाल नहीं कर सकते एक किंवदंति से. आप सिर्फ उसका आनंद ले सकते हैं.