By THE KATHFODWA

Brave New World: सोचने-समझने की आजादी के बिना सबसे संपन्न दुनिया भी एक जेल से ज्यादा कुछ नहीं

किताब ब्रेव न्यू वर्ल्ड (Brave New World) में उस दौर में हमारे आधुनिक राष्ट्र-राज्यों (Nation-States) की कल्पना की गई है, जब उनकी महत्वाकांक्षा पूरी हो चुकी है. जिस दुनिया में देशभक्तों की अपने देश को अभेद्य, सबसे ताकतवर, शक्तिशाली और स्थिर बनाने जैसी कल्पनाएं साकार हो चुकी हैं.

By THE KATHFODWA

HUSH: एक बेहतरीन हॉरर फिल्म है, जो डराती नहीं मजबूती देती है

दरअसल यह एक हॉरर फिल्म (Horror Film) के प्लॉट के साथ ही समाज के एक डरावने सच- पैट्रियार्की (Patriarchy) यानि पितृसत्ता का भी पोट्रेयल है. यह महिला जब तक घर में ‘अकेली’ है तभी तक सुरक्षित है. घर से जैसे ही वह बाहर कदम रखती है अनंत असुरक्षाओं से घिर जाती है.

By THE KATHFODWA

क्यों फिल्म ‘बुलबुल’ तर्क से परे जाकर जरूर देखे जाने के लिए बनी है?

एक किंवदंती पर बनी फिल्म है, नेटफ्लिक्स (Netflix) रिलीज बुलबुल (Bulbbul). इसमें चुड़ैल/ देवी है. लेकिन वह गोली से मर सकती है. वह आग में जल सकती है. ऐसे में फिल्म में आप बंगाली परिवेश की ऑथेंटिसिटी खोजने में फिल्म के केंद्रीय तत्व से भटक जायेंगे. आप सवाल नहीं कर सकते एक किंवदंति से. आप सिर्फ उसका आनंद ले सकते हैं.

By Avinash

आईआईटी की टीम को रेलवे ट्रैक पर नहीं मिला कोई विस्फोटक, एक और फज़ीहत होने वाली है

यह ख़बर ‘द हिन्दू’ अख़बार में छपी विजेता सिंह की रिपोर्ट ‘कानपुर की रेल पटरियों पर कोई विस्फोटक नहीं: आईआईटी…

By Avinash

पढ़ें कैसे देश के वैज्ञानिकों ने ली राज्यमंत्री सत्यपाल सिंह की क्लास?

यह पत्र देश के चुनिंदा वैज्ञानिकों ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री सत्यपाल सिंह को कुछ दिन पहले उनके एक…